एक्सरसाइज का महत्त्व क्या है हमारी लाइफ में आज के समय में अपनी स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती (Health and fitness)का ख्याल रखना एक चैलेंज सा बन गया है क्यों की फिट रहना भी हमारे लाइफ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है आपका अच्छा शरीर ही ये दर्शाता है की आप कितने एक्टिव हो अगर हम फिट नहीं रहेंगे तो हमें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है आज की दुनिया इतनी एडवांस हो गयी है की इंसान हर चीज़ का शॉर्टकट ढूंढ ही लेता है परन्तु फिटनेस के मामले में हम कोई शॉर्टकट नहीं काम आता | लोग एक्सरसाइज में भी कोई न कोई शॉर्टकट्स निकल ही लेते है लेकिन उन्हें ये पता नहीं की शॉर्टकट्स का इसमें कुछ फायदा नहीं बल्कि वो खुद अपनी लाइफ के साथ खिलवाड़ कर रहे है। अनिद्रा और नियमित एक्सरसाइज न करना भी शरीर में बढ़ती बिमारियों का महत्वपूर्ण कारन हो सकता है फिट रहना कितना महत्वपूर्ण है ये हमे जान लेना चाहिए और इसी कारन लोग आजकल फिट रहने के लिए तरह तरह की एक्सरसाइजेज करते है परन्तु इस भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में इंसान फॅमिली ,पैसा ,जॉब और अपनी ज़रूरतों के पीछे इतना बिजी हो गया है की उसे अपनी सेहत का ख्याल रखने का समय नहीं मिलता तो ऐसी ज़िन्दगी में हमें अपने सेहत के लिए कुछ समय निकलना चाहिए क्यों की आपके सेहत पर ही आपका भविष्य निर्भर है अगर आप आज अपने सेहत का ख्याल नहीं रखेंगे तो आपको भविष्य में कई दिक्कतों का सामना करन पड सकता है नियमित एक्सरसाइज करना ही फिट रहने की चावी है| एक्सरसाइज के कई तरीके होते है जिनमे ....
2) रेसिस्टेन्स (resistance) एक्सरसाइज
3) स्पोर्ट्स (sports) एक्सरसाइज
1) एंडुरेंस(endurance) एक्सरसाइज
एंडुरेंस व्यायाम (endurance exercise) का मतलब सहनशीलता,स्थिरता या फिर सहनशक्ति वाला व्यायाम है यह एक प्रकार की काम तीव्रता(low intensity) वाला कार्य है जो हमारी चयापचय(Metabolism) की गतिविधि में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लंबे समय तक बढ़ाता है और हमारे शरीर में निरंतर ऑक्सीजन सप्लाई अछेसे होती है जिस कारण हमारा शरीर एक्टिव रहता है जिससे हमारा मोटापा(fat) और रक्त-चाप की मात्रा (blood pressure level) मैटैंन रहता है इसीलिए ऐसा कहा जाता है की अगर आप रोज़ाना जिम नहीं जा सकते या फिर आप नोर्मली एक्टिव रहना चाहते हो तो आपको इस तरह के व्यायाम को नियमित रूप से करना चाहिए ताकि कम से कम आपकी सेहत अछि रह सके | परन्तु आज कई लोग इसे अपनी रोज़ाना जीवन(daily routine) में शामिल करके उसे अछी तरीके से फॉलो कर रहे है | इस तरह की व्यायाम(exercise) को मैराथन वाले रनर्स(runners) फॉलो करते है क्यों की उन्हें अपने आतंरिक बल (stamina) और प्रदर्शन (performance) में बढ़ोती लानी होती है| ज़रूरी नहीं है की अगर आप ऐथलीट होतो ही फॉलो कर सकते हो इसे कोई भी साधरंत फिट रहने के लिए अपने रोज़ाना जीवन में समावेश कर सकता है इस तरह की एंडुरेंस व्यायाम (endurance exercise )में स्लो ट्वीटच मसल फाइबर तकनीक (slow twitch muscle fiber technique) काम करती है जो की एक प्रकार का उत्कृष्ट एंडुरेंस(elite endurance) है और यह एथिलीट में पाया जाता है|
2) रेसिस्टेन्स (resistance) एक्सरसाइज
रेसिस्टेन्स व्यायाम(resistance exercise) हमारे शारीरिक मसल-मास को बढ़ता है और शारीरिक-शक्ति को बढ़ने में सयता करता है जिससे हमारा शरीर चुस्त-दुरुस्त और सुद्रुढ बना रहता है नियमित व्यायाम करने से बेहतर परिणाम मिलने के आसार रहते है और अगर साथ-साथ आप अपने डाइट को भी अछि तरह से फॉलो करोगे तो जल्दी रिसल्ट यानि आपका शारीरिक विकास तेजी से हो सकता है| वैसे डाइट के आलावा प्रोटीन सप्लीमेंट(protein supplements) भी अच्छा रिजल्ट पाने में बेहतरीन किरदार अदा करता है इसीलिए रोज़ाना खाने वाले भोजन में पर्याप्त प्रोटीन न मिलने की वजह से प्रोटीन सप्लीमेंट(protein supplements) को अपने डाइट में समावेश करने से रिजल्ट बेहतरीन होता है इसी वजह से आज मार्केट्स में प्रोटीन सप्लीमेंट्स की डिमांड्स बढ़ती जा रही है हलाकि इसमें आपको डाइट व अच्छा पोषण,व्यायाम और प्रोटीन का कॉम्बिनेशन यानि तीनो का तालमेल अच्छे से बना कर रखना होगा और नियमित व्यायाम(exercise) करना होगा आपके व्यायाम रणनीति(workout strategy) के अनुकूलन होकर, इस तरह की रेसिस्टेन्स व्यायाम (resistance exercise) में फ़ास्ट ट्वीटच मसल फाइबर तकनीक(fast witch muscle fiber technique) काम करती है जैसे ज्यादा ताकत लगाने वाले(explosive) स्पोर्ट्स एथलीट्स में पाया जाता है
उदहारण:-भरी व्यायाम(heavy workout),भारोत्तोलन(weightlifting)और बॉडी बिल्डिंग(bodybuilding ) इतियादी।
3) खेल व्यायाम (sports exercise)
खेल व्यायाम (sports exercise) यह एंडुरेंस(endurance) और रेसिस्टेन्स(resistance) व्यायाम(exercise) का कॉम्बिनेशन है यानि इस व्यायाम(exercise) में दोनों प्रकार के व्यायाम एंडुरेंस(endurance) और रेसिस्टेन्स(resistance) का समावेश होता है इस तरह के व्यायाम(exercise) आम तौर पर स्टार्ट ओर स्टॉप मूवमेंट(start and stop movement) पर आधारित होते है इस व्यायाम को प्रोफेशनल स्पोर्ट्स खिलाडी फॉलो करते है जिससे उनकी फ्लेक्सिब्लिटी,स्टैमिना और स्ट्रेंथ बानी रहती है और इसी कारन खेल के दौरान वे एक्टिव रहते है स्पोर्ट्स खिलाडियों को अपनी सेहत को कंसिस्टेंटली एक्टिव रखना होता है ऐसी स्थिति में इस तरह के व्यायाम(exercise) बेहतरीन रोले निभाते है और व्यायाम(exercise) के साथ ही डाइट यानि सही पोशण(proper nutrition)का भी खास ख्याल रखना होता है क्यों की फिटनेस में डाइट का बेहद महत्वपूर्ण योगदान होता है मान के चलीये की डाइट ही ७०% रोल निभाता है आपके फिट रहने में | इसीलिए आपने देखा होगा की एथलीट्स या जो भी प्रोफेशनल खिलाडी होते है वे नूट्रिशनिस्ट(nutritionist) को हायर करते है | जिससे उनकी खाने की दिक्कतों का सलूशन मिल जाता है क्युकी नूट्रिशनिस्ट उनकी खाने की यानि सही पोशण(proper nutrition)का खास ख्याल रखते है जैसे की कब क्या खाना है और कितना खाना है क्यों की उनकी अछि सेहत और शारीरिक रूप से एक्टिव रहने का महत्वपूर्ण कारण सही पोशण(proper nutrition)का भी खास ख्याल ही होता है |
उदहारण:- फुटबॉल,क्रिकेट,तैराकी(swimming)और साइकल चलना(cycling) इत्यादि
क्या आप जानते है
हम सभी इनमें से किसी एक श्रेणी में नहीं आते हैं, लेकिन हो सकता है कि इसमें से प्रत्येक का ताल-मेल सामान्य हो और यह आपके जेनेटिक्स के साथ-साथ आपकी पसंद पर निर्भर करता है की आप इनमेसे कोनसे एक्सरसाइज को महत्त्व देते हो क्यों की अंतत ये आपकी चॉइस है



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